Monday, September 29, 2008

Wednesday, September 24, 2008

gazal

कोई तो मुजरिम बताया जाएगा
फैसला जब भी सुनाया जाएगा

या तो अम्बर को छुपा लेंगे कहीं
या तो पत्थर को मनाया जाएगा

दीवार को गिरने की आदत है मगर
फिर से इंटों को सजाया जाएगा

अबके सीखेंगे सँभालने का हुनर
फिर मुक़द्दर आजमाया जाएगा

गर हुआ पैबंद बिस्तर में कही
ख्वाब को पहले बिछाया जाएगा

gazal

और जब जहन में आ गए कई सवाल
तो हमने कहा के सुनो........... कतार में रहो

अच्छे भले हो आदमी आँखें खुली रखो
यूँ खाम्ख्वा के मत किसी खुमार में रहो

तेरे बदन पे तिल कहाँ हैं जानते हैं हम
अब तुम हमारे काले कारोबार में रहो

सारे गुनाह खिल के तो गुलाब हो गए
अब आज से काँटों के अख्तियार में रहो

gazal

ना जाने क्यूँ हुआ करता है अक्सर वक्त थोड़ा सा
अभी तो आसमां में एक दरिया भी बनाते हम

अब क्या सुनें तेरी के सहरा में नहीं कुछ भी
अगर अपनी गरज होती समंदर ढूँढ लाते हम

तुम्हारे ख़त में इतने फासलों का ज़िक्र था वरना
अगर थोडी जगह होती तो शायद मान जाते हम

बहुत जायज है तेरा ज़िक्र महफिल में उठा देना
अगर सबसे छुपाते अब तलक तो भूल जाते हम

अगर मिलते कदम तेरे, पता अपना बताते हम
उन्हें घर पे बुलाते और तुझको आजमाते हम

gazal

हौले हौले मोम से गल जायेंगे
तुम जिस कदर चाहोगे हम ढल जायेंगे

आओ ढूँढें आग की परछाइयां
कच्चे रिश्ते ख़ुद ब ख़ुद जल जायेंगे

कौन सा वादा है अपना मौत से
तुम कहो रुक जाओ, तो कल जायेंगे

कर के देखो रास्तों पे बंदिशें
फिर बंदिशों के पाँव निकल जायेंगे

रेशा रेशा रात खुलती जायेगी
रफ्ता रफ्ता रस्सी के बल जायेंगे

Saturday, June 7, 2008

समय का पंचनामा

हर जगह से दो मिनट का फासिला है अब मेरा
मैं समय का पंचनामा कर रहा हूँ आजकल
आठ चालीस की पकड़ता हूँ मैं लोकल हर सुबह
पौने नौ से नौ बजे तक वेट करता हूँ तेरा
इस समय मैं ट्रेन मैं हूँ
फ़ोन कर लो तुम मुझे...
बाद इसके एक टेबल पर निकल जायेगा वक्त
काटता रहता हूँ अक्सर मैं कलाई पर जिसे...
दिन गुजर जाने की मोहलत मिल गयी है शाम तक
शाम की तैयारियों में दिन गुजरता है मेरा
रात के ठंडे बदन में शाम ढलती है मेरी
छः बजे फिर नेट पर मैं वेट करता हूँ तेरा
इस तरह से दर्द शेयर कर रहे हैं हम सभी
साधे ग्यारह से शुरू होती है दुनिया ख्वाब की
saadhe दस तक वाय्दूं की धाज्जियाँ सब उड़ गयीं
जो मिला मैं एक घंटे में निगल कर सो गया
एक दिन का वक्त मेरा इस तरह गुम हो गया.

समय का panchnama

har